INTERNATIONAL CALL CENTER FRAUD : दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने ग्वालियर के ठगों के जरिए अमेरिकियों को खूब लगाया चूना, जांच के लिए भारत पहुंचे अफसर

INTERNATIONAL CALL CENTER FRAUD : दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने ग्वालियर के ठगों के जरिए अमेरिकियों को खूब लगाया चूना, जांच के लिए भारत पहुंचे अफसर

INTERNATIONAL CALL CENTER FRAUD with Americans

ग्वालियर। आप पढ़े लिखे, उच्च शिक्षित हैं तो भी ऑनलाइन ठगी के शिकार हो सकते हैं और ऐसा भी हो सकता है कि जिसने आपको ठगा हो वो महज स्कूल पास ही मुश्किल से हुआ हो। ताजा मामला ग्वालियर के एक फर्जी कॉल सेंटर से जुड़ा है जहां दुबई में बैठे मास्टर माइंड ग्वालियर में चल रहे अवैध कॉल सेंटर के जरिए कई अमेरिकियों ठग लिया। मामले की शिकायत के बाद इस गैंग के बारे में इन्वेस्टीगेशन करने अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी एजेंसी के अफसर ग्वालियर पहुंचे। जांच टीम के अफसर सीधे ग्वालियर पुलिस अधीक्षक से मिले और उन्हें पूरी बात बताई। इसके बाद जांच एजेंसी टीम ने ठग गिरोह के बारे में पुलिस से इनपुट लिया और अब पुलिस टीम के साथ मिलकर आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।

ताजा अपडेट

  • कॉल सेंटर से विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी का मामला
  • अमेरिका की जांच एजेंसी होमलैंड सेक्युरिटी के अफसर ग्वालियर SPऑफिस पहुंचे
  • झांसी रोड़ थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच ने ठगी के कॉल सेंटर का किया है भंडाफोड़
  • कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका के सैकड़ों नागरिकों से ऑनलाइन ठगी हुई।
  • इस ठगी में ग्वालियर में चल रहे कॉल सेंटर के आरोपियों का इनपुट मिला है
  • ग्वालियर पुलिस के साथ मिलकर अमेरिकी जांच अधिकारी ठगों के खिलाफ कार्रवाई में जुटे
  • कॉल सेंटर को संचालित करने वाले मास्टर माइंड की पुलिस को है तलाश,
  • जांच में पता चला है कॉल सेंटर दुबई से ऑपरेट कर रहा था मास्टर माइंड
    माइक्रोसॉफ्ट एम्प्लोयी बनकर विदेशों में ठगी
    कॉल सेंटर के जरिए ठगी करने वालों में गिरफ्तार सातों लोग माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के कर्मचारी बनकर अमरिकियों को ठग रहे थे। ये लोग विदेशियों को फोन कर उनके कंप्यूटर्स में वायरस होना बताकर फंसाते थे। गिरफ्तार ठगों से पता चला है कि ये लोग अमेरिका के लोगों के नंबर दुबई में बैठे सरगना मोती सिकरवार से वॉट्सऐप ग्रुप पर लेते थे।

     

    कॉल सेंटर में फंसले वाले और मोटी रकम की ठगी में कामयाबी मिलने पर मोटी रकम शेयर होती थी। पुलिस का कहना है कि हर कॉल पर टीम मेंबर को कमीशन के रूप में 5 परसेंट मिलता था। जिसका पेमेंट हवाला के माध्यम से आता था। ऐसे में ज्यादा पैसा कमाने के लिए गैंग के सदस्य दनादन फोन लगाते थे। फिर जो भी एक बार जो फंसता था, उससे कम से कम 1500 डॉलर ऐंठते थे ये रकम भारतीय रुपयों में 1 लाख 24 हजार 970 रुपए के बराबर होती है। ठगी की रकम सीधे दुबई में मोंटी सिकरवार के खाते में पहुंचती थी। उसे भुगतान गिफ्ट कार्ड के जरिए होता था। इस तरह ये गोरखधंधा फलफूल रहा था। जिस पर पुलिस कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर का भंडा फोड़ दिया है।

    आरोपियों के पास थे 5 हजार मोबाइल नंबर
    पुलिस की पकड़ में आए आरोपियों से पता चला है कि सरगना मोंटी गैंग को भी ऑपरेट करता है। उसने ही कॉल सेंटर में काम करने का हवाला देकर टीम बनाई है। पुलिस ने सेंटर में काम करने वाले आरोपियों को पकड़ लिया है लेकिर अभी मास्टर माइंड दूर है। यह गैंग विदेशियों से ठगा पैसा इंडियन करेंसी में बदलने का काम भी करती थी। उनके पास करीब 5 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं।

    दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस और एजेंसी
    इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को रिमांड पर लिया था, जिसकी मियाद खत्म होने पर दोबारा रिमांड पर लेकर और पूछताछ होगी। अब देखना यहां होगा कि अमेरिकी होम लैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की जांच टीम और ग्वालियर पुलिस मिलकर क्या-क्या खुलासे करती हैं।

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