World Sparrow Day 2024 : ‘गौरैया मेरी सोनचिरैया’ राष्ट्रीय लुप्त प्रजाति दिवस पर जागरूक हुए लोग, विश्व गौरेया दिवस का इतिहास और महत्व…

World Sparrow Day 2024 : ‘गौरैया मेरी सोनचिरैया’ राष्ट्रीय लुप्त प्रजाति दिवस पर जागरूक हुए लोग, विश्व गौरेया दिवस का इतिहास और महत्व…

World Sparrow Day

रायपुर। प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को विलुप्त प्रजाति विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य कारण विलुप्त हो रही प्रजाति गौरैया के बारे में लोगों को जागरूकता बढ़ाना और घरेलू गौरैया के संरक्षण के उपायों के बारे में बताना है। गौरैया पृथ्वी पर सबसे आम और सबसे पुरानी पक्षी प्रजातियों में से एक है। गौरैया की लुप्त होती प्रजाति और कम होती आबादी बेहद चिंता का विषय है।

READ MORE – AMETHI LOK SABHA SEAT : अमेठी के अजेय योद्धा राजीव गांधी का आज तक नहीं टूटा रिकॉर्ड, अपने निधन तक रहे अमेठी से सांसद

विश्व गौरैया दिवस मनाने का उद्देश्य गौरैया पक्षी की लुप्त हो रही प्रजाति को बचाना है। पेड़ों की अंधाधुंध होती कटाई, आधुनिक शहरीकरण और लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से गौरैया पक्षी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। गौरैया पक्षी की संख्या में लगातार कमी एक चेतावनी है कि प्रदूषण और रेडिएशन प्रकृति और मानव के ऊपर क्या प्रभाव डाल रहा है। या यूं कहा जाए कि जैसे हमसे रूठ गई है छोटी गौरैया घर आंगन में आने वाली गौरैया अब दिखाई नहीं देती।

World Sparrow Day

पक्षी संरक्षण प्रेमियों ने 20 मार्च को विलुप्त हो रही प्रजाति गौरैया की मीठी कहानियों को याद करते हुए उसको फिर से बुलाने के उपाय कर विश्व गौरैया दिवस मनाने के साथ घर की छतों पर पक्षियों को पीने का पानी और भोजन उपलब्ध कराने के लिए सकोरे रखने की अपील की है।

ऐसे बुलाएं रुठी गौरैया को –
गौरैया आपके घर में घोंसला बनाएं। तो हटाएं नहीं। मोबाइल रेडिएशन से दूर रखने कोशिश करें। रोजाना आंगन, खिड़की बाहरी दीवारों पर दाना पानी रखें। गर्मियों में गौरैया के लिए पानी रखें। जूते के डिब्बे, प्लास्टिक की बड़ी बोतलेें और मटकी को टांगे, जिसमें वो घोंसला बना सकें। बाजार से कृत्रिम घोंसले लाकर रख सकते हैं। घरों में धान, बाजरा की बालियां लटका कर रखे।

READ MORE – HOLI 2024 – होली पर जरूर करें तुलसी के पत्तों से जुड़े ये उपाय नहीं रहेगी आर्थिक तंगी

 

 

National News and Politics स्पेशल