नई दिल्ली. बैंक क्लर्क भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा मामला उजागर हुआ है, आईएएस ऑफिसर ने दूसरे की जगह खुद परीक्षा में बैठ गए थे, मामलें के उजागर होने के बाद कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए आईएएस ऑफिसर को तीन साल की सजा सुनाई गई है, इसके अलावा अन्य पांच लोगों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

दोषी आईएएस ऑफिसर का नाम नवीन तंवर है और पिछले 10 महीने से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में तैनात हैं, नवीन तंवर ने 9 साल पहले जब किसी दूसरे की जगह क्लर्क भर्ती परीक्षा दी थी, तब वह खुद भी सरकारी नौकरी तैयारी कर रहे थे. साल 2019 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और IAS में चयन हुआ था.
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13 दिसंबर 2014 को इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) क्लर्क की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. तब उत्तर प्रदेश के नोएडा के रहने वाले नवीन तंवर गाजियाबद स्थित आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में क्लर्क भर्ती परीक्षा देने पहुंचे थे. सीबीआई ने अमित सिंह और अजय पाल के स्थान पर परीक्षा दे रहे नवीन तंवर और सावन को गिरफ्तार कर लिया है.

जांच में यह भी पता चला कि सुग्रीव गुर्जर और हनुमत गुर्जर ने दोनों परीक्षार्थियों को सॉल्वर मुहैया कराए थे. अभियुक्तों को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत मिल गई थी. कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर सभी अभियक्तों को दोषी माना और सजा के खिलाफ अपील के लिए एक माह की जमानत दी.
10 महीने पहले उन्हें हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के उपमंडल भरमौर में अतिरिक्त उपायुक्त कम सह-परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) का पद मिला था, सीबीआई कोर्ट ने IAS अधिकारी नवीन तंवर के साथ पांच अन्य लोगों को भी सजा सुनाई है. गुरुवार को सीबीआई कोर्ट में सजा सुनाए जाने के वक्त नवीन कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए. उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है.

