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अफसर ने पर्यटन को दी नई दिशा, बस्तर की बदली ऐसी तस्वीर कि पहुंचे 2 लाख पर्यटक, इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स को कराया भ्रमण

Indian Forest Service officer Dhammasheel Ganvir adopted innovation in Bastar

जगदलपुर. भारतीय वन सेवा अधिकारी धम्मशील गणवीर ने बस्तर में नवाचार को अपनाया है, जिस बस्तर की छवि नक्सल के रुप में होती थी उसे बदलने के लिए गणवीर ने क्या कुछ किया आइये आपको बताते है, गणवीर ने बस्तर के सौंदर्य को बाहरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए “देखो बस्तर” नामक एक पहल शुरू की थी.

अफसर ने पर्यटन को दी नई दिशा, बस्तर की बदली ऐसी तस्वीर कि पहुंचे 2 लाख पर्यटक, इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स को कराया भ्रमण

इस पहल के तहत उन्होंने देशभर से यूट्यबर्स और इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर्स को बुलाकर बस्तर का भ्रमण करवाया, इसके परिणामस्वरूप, बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को लेकर लोगों की धारणा बदली है, इस बार इस नवाचारी से प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठान दो लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे है.

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फाइल – बस्तर महोत्सव

धम्मशील गणवीर ने बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य पहल भी शुरू की हैं, इनमें शामिल हैं:-

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गणवीर के प्रयासों के फलस्वरूप, बस्तर में पर्यटन में भारी वृद्धि हुई है, 2022 में, बस्तर में 2 लाख से अधिक पर्यटक आए, जो 2018 में 50,000 से भी कम थे, गणवीर का मानना ​​है कि पर्यटन बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि बस्तर की छवि को भी बेहतर करेगा.

Dhammasheel Ganvir ने देशभर से यूट्यबर्स और इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर्स को बुलाकर बस्तर का भ्रमण करवाया

प्राकृतिक पर्यटन का केंद्र बनकर उभरा कांगेर घाटी क्षेत्र
45 गांव के वनवासियों की वन के प्रति आस्था को समझते हुए उन्होंने कांगेर घाटी क्षेत्र में प्रकृति और सांस्कृतिक पर्यटन का माडल तैयार किया, इससे यह क्षेत्र आदिम संस्कृति के साथ ही प्राकृतिक पर्यटन का केंद्र बनकर उभरा है, जबकि अब तक इस क्षेत्र को केवल तीरथगढ़ या कोटमसर गुफा के नाम से जाना जाता था.

कांगेर घाटी में कांगेर नाला में केरल की तर्ज पर बाम्बू राफ्टिंग व कायकिंग व नैचर ट्रेल शुरू की, जिससे सैकड़ों पर्यटक यहां खींचे चले आ रहे हैं, पर्यटन और आदिम संस्कृति को जोड़ते हुए कोटमसर व धुड़मारास गांव को विकसित किया, धुड़मारास गांव को बेस्ट टूरिस्ट अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है, अब कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर में सम्मिलित करने का प्रस्ताव भी यूनेस्को भेजा है.

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