BJP members burnt the effigy of MLA Devendra Yadav
भिलाई के सिविक सेंटर में आज भाजपाईयों ने भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव का पुतला जलाया, भाजपाईयों ने आऱोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए विधायक देवेन्द्र यादव ने अपने एमएमएस के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन अब वे चुनाव जीतने के बाद उन्होंने उस पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई, स्वयं ही फोरेसिंक जांच करा ली, जो उनके चरित्र को बताता है.

भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की प्रदेश मंत्री तुलसी साहू ने कहा कि एमएमएस कांड ने विधायक देवेन्द्र यादव के चरित्र को सामने ला दिया है, उन्होंने कहा कि उनके कांग्रेस छोड़ने का एक कारण विधायक का यह चेहरा और उनका गैरकानूनी कार्यों में लिप्त होना भी था, तुलसी साहू ने कहा कि विधायक महिलाओं के सम्मान की बात का केवल नाटक करते हैं, अगर वे सही होते तो खुद फॉरेसिंक जांच कराने की बजाए पहले पुलिस थाने में एफआईआर कराते क्योंकि उस वक्त उनकी ही सरकार थी और जांच भी तुरंत हो जाती.

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बता दें कि विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर ने विधायक देवेन्द्र यादव के इस मामले को उठाया तो पता चला कि जांच के लिए उन्होंने पुलिस में कोई आवेदन नहीं दिया है, दरसल बीते साल नवंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होने जा रहा था, पहले चरण का मतदान 7 नवंबर को था, इसमें दुर्ग जिला भी शामिल रहा.

इस बीच, दोनों ही प्रमुख पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाकर घेराबंदी कर रहे थे, भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्र यादव को लेकर इसी समय में एक वीडियो वायरल हुआ था, इसे लेकर बीजेपी ने यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे, मामले में देवेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता में सारे आरोपों को झूठा और बीजेपी का षड्यंत्र बताया था.

