रायपुर. छत्तीसगढ़ में चल रही ED की कोल स्कैम की कार्रवाई पर कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पीसी को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान ईडी अधिक सक्रिय थी, ईडी की तथाकथित कोल घोटाले की जांच के बाद सरकार बदलने के बाद ईडी ने पत्र लिखा, 11 जनवरी 2024 को ईडी ने एसीबी को पत्र लिखा, पत्र में लिखा कि ACB भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई करे, ईडी ने पूरे मामले का विस्तृत उल्लेख किया.
पत्र में ये भी लिखा कि सामरी से विधायक चिंतामणि महाराज को भी पैसा दिया गया है, 5 लाख रुपए चिंतामणि महाराज ने प्राप्त किया, यह पत्र में ईडी ने लिखा है. 35 लोगों के खिलाफ ACB ने मुकदमा दर्ज किया, बीजेपी के राज आश्चर्य से परे होती है, मुकदमा दायर करने की सूची में चिंतामणि महाराज का नाम नहीं है, 35 लोगों के नाम में कहीं भी चिंतामणि महाराज का नाम नहीं है.

ईडी के कारण महाराज ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ा, बीजेपी के घोषित प्रत्याशियों की सूची में सरगुजा से चिंतामणि महाराज का भी नाम है, क्या चिंतामणि महाराज को इसलिए बक्श दिया गया क्योंकि वह बीजेपी में शामिल हुए और उनके सब पाप धुल गए? ईडी की कार्रवाई से साफ हो रहा है कि तथाकथित कोल घोटाला एक पॉलिटिकल स्टंट था, कांग्रेस के प्रदेश के नेताओं को बदनाम करने के लिए ईडी की कार्रवाई हुई.
कांग्रेस का दो सवाल है जिसका बीजेपी जवाब दे, पहला चिंतामणि महाराज से सवाल है कि कांग्रेस का विधायक रहते हुए क्या उन्होंने कोल घोटाला किया है या नहीं? मुख्यमंत्री साय से दूसरा सवाल है कि चिंतामणि महाराज का नाम किससे पूछकर हटाया गया?

