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Tripartite agreement signed between Government of India, Government of Tripura and Tripura Motha: भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और त्रिपरा मोथा के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता

भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और त्रिपरा मोथा के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता

नई दिल्ली. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्र अमित शाह की उपस्थिति में भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और The Indigenous Progressive Regional Alliance (TIPRA), जिसे त्रिपरा मोथा के नाम से जाना जाता है और अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच आज नई दिल्ली में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए.

इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आज त्रिपुरा के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, उन्होंने कहा कि इस समझौते से हमने इतिहास का सम्मान, गलतियों में सुधार और आज की वास्तविकता को स्वीकार करते हुए तीनों का सामंजस्य कर भविष्य की ओर देखने का काम किया है, उन्होंने कहा कि इतिहास को कोई बदल नहीं सकता लेकिन गलतियों से सीखकर आज की वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर हम आगे ज़रुर बढ़ सकते हैं, शाह ने कहा कि त्रिपरा मोथा और सभी जनजातीय पार्टियों ने इस दिशा में बहुत कंस्ट्रक्टिव भूमिका निभाई है.

Tripartite agreement signed between Government of India, Government of Tripura and Tripura Motha

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा सरकार ने इसके लिए शुरू से बहुत प्रय़ास किए हैं, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न में त्रिपुरा भी अपने योगदान और हिस्से के प्रति कटिबद्ध होगा और एक विकसित त्रिपुरा के रूप में आगे बढ़ेगा, गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने उग्रवादमुक्त, विवादमुक्त और हिंसामुक्त नॉर्थईस्ट की कल्पना को साकार करने का प्रयास किया है, लगभग 10 हज़ार लोग हथियार छोड़कर मेनस्ट्रीम में आए हैं और इसी के कारण आज नॉर्थईस्ट में विकास का माहौल बना है.

शाह ने कहा कि चाहे ब्रू-रियांग समझौता हो या सीमाओं का समझौता हो, इनकी शुरूआत त्रिपुरा से ही हुई थी और अब ये समझौता भी त्रिपुरा का ही हो रहा है, उन्होंने कहा कि 2019 में एनएलएफटी (एसडी), 2020 में ब्रू और बोडो समझौते, 2021 में कार्बी-आंगलोंग, 2022 में आदिवासी समझौता और अमस –मेघालय सीमा समझौता, 2023 में असम अरुणाचल सीमा समझौता, दिमासा समझौता, यूएनएलएफ और उल्फा समझौता हुआ, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कुल 11 अलग-अलग समझौतों के माध्यम से सीमाओं, पहचान, भाषा, संस्कृति के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ बात कर संघर्ष समाप्त करने की दिशा में काम किया है.

इस समझौते के साथ ही आज त्रिपुरा एक विवादमुक्त त्रिपुरा की ओर आगे बढ़ा है, गृह मंत्री ने कहा कि आपके अधिकारों के लिए अब आपको संघर्ष, नहीं करना पड़ेगा और भारत सरकार दो कदम आगे बढ़कर सभी के अधिकारों की रक्षा हो, इस प्रकार का तंत्र विकसित करेगी. समझौते के तहत त्रिपुरा के मूल निवासियों के इतिहास, भूमि और राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक विकास, पहचान, संस्कृति और भाषा से संबंधित सभी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने पर सहमति बनी. Tripartite agreement signed between Government of India, Government of Tripura and Tripura Motha

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इसके साथ ही सम्माननीय समाधान सुनिश्चित करने के लिए, समझौते के तहत इन मुद्दों से संबंधित पारस्परिक सहमति वाले बिंदुओं पर निर्धारित समयसीमा में अमल के लिए एक संयुक्त कार्य समूह/समिति के गठन पर भी सहमति बनी, समझौते पर अमल के लिए सहायक माहौल बनाए रखने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्सके बीच समझौता लागू होने के दिन से किसी भी प्रकार के विरोध/आंदोलन का सहारा नहीं लेने पर भी सहमति बनी, समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा, मुख्यमंत्री, त्रिपुरा और केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार और त्रिपुरा सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

Tripartite agreement signed between Government of India, Government of Tripura and Tripura Motha

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