रायपुर. पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया की पत्नी शकुन डहरिया पर आरोप है कि उन्होंने सामुदायिक भवन में अवैध कब्जा किया था, इस मामलें की जांच आज से शुरु की जाएगी, बता दे कि इस मामलें में निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा ने 3 सदस्यीय जांच कमिटी बनाई थी जो इसकी जांच करेगी. कमिटी में निगम सामान्य प्रशासन उपायुक्त कृष्णा खटीक, उपायुक्त राजस्व डॉ आरके डोंगरे और नगर निगम के लोक निर्माण विभाग करहपालन अभियंता राजेश राठौर जांच करेंगे, कमिटी को 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी.
वही जिस भवन को कब्जियाने का आरोप लगा है वह भवन रायपुर के शताब्दी नगर में है, आरोप के बाद ही शकुन डहरिया ने भवन खाली कर दिया था, बताया जाता है कि पूर्व मंत्री की पत्नी ने भवन के रंगरोगन पर 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, यहां आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है, मंत्री होने की हैसियत से डहरिया ने 2020 में कब्जे वाले भवन का उद्घाटन किया, उद्घाटन के 2 साल बाद एमआईसी में हस्तांतरण का प्रस्ताव जून 2022 में निगम से पास हुआ.
आमसभा में इस मुद्दे पर खूब हंगामा होने के बाद सभापति प्रमोद ने पूर्व मंत्री का नाम चर्चा से विलोपित कर दिया, यहां 50 लाख रुपये से ज्यादा लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से एलईडी टीवी, वार्डरोब, फ्रिज, अलमारी, वाशिंग मशीन, कम्प्यूटर, कंप्यूटर प्रिंटर सहित तमाम वो सुविधाएं हैं.
तेलीबांधा स्थित शताब्दी नगर में सरकारी सामुदायिक भवन पर 2020 में एक सामाजिक संस्था काबिज हो गई, समिति को ये भवन 2022 में हस्तांतरित किया गया, उसी भवन के पास पूर्व मंत्री का बंगला भी है, उनके बंगले के सामने की सरकारी जमीन को बंगले में शामिल कर गार्डन बनाया गया.
इस आरोप के बाद पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने मीडिया में बयान देते हुए कहा था कि ये एमआईसी से स्वीकृत हुआ है, महापौर के दस्तखत भी हुए हैं, सरकारी जमीन पर नहीं बनाया गया, जमीन सोसायटी की है, सोसायटी के जरिए समिति के पास दिया गया है, मुझे लगातार टारगेट किया जा रहा है.

