Artifical Intelligence : मृत परिवार वालों से ऐसे मुलाकात कर रहे यहां के लोग, लगा रहे लाखों रूपये…पढ़े पूरी स्टोरी

Artifical Intelligence : मृत परिवार वालों से ऐसे मुलाकात कर रहे यहां के लोग, लगा रहे लाखों रूपये…पढ़े पूरी स्टोरी

Artifical Intelligence

Artifical Intelligence : जीवन और मृत्यु अटल सत्य है लेकिन जब कोई अपना प्र‍ियजन जाता है तो उसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती . लोग वर्षों याद करते रहते हैं, और कभी उन्‍हें भुला नहीं पाते. लेकिन चीन में लोगों ने अपनों को याद रखने का अनोखा तरीका इजाद किया है.

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Artifical Intelligence : वे आर्टिफ‍िशियल इंटेल‍िजेंस की मदद से अपने मृत प्र‍ियजनों का जीवंत अवतार बनवा रहे हैं. उनसे घंटों बातें करते हैं. अपनी बातें उनके साथ शेयर करते हैं. ठीक वैसे ही जैसे अगर वे जिंदा होते तो उनके साथ बात करते. मृतकों को ‘पुनर्जीवित’ करने का यह अनोखा तरीका है, जो काफी फेमास हो रहा है

चीन में इसे ‘घोस्ट बॉट’ के रूप में जाना जा रहा है. कोई अपनी प्रेमिका की AI बनवा रहा है तो कोई अपनी बीवी की. कोई अपने बेटे की तो कोई अपने बुजुर्ग माता-पिता की. लेकिन सबसे ज्‍यादा ऐसे लोग हैं जो अपने मृत बच्‍चों की एआई बनवा रहे हैं.

इस पर लोग 5000 से 100000 युआन तक खर्च कर रहे हैं. कई लोग तो लाखों रुपये इस पर पानी की तरह बहा रहे हैं. AI फर्म सुपर ब्रेन के संस्थापक झांग जेवेई ने कहा, प्रौद्योगिकी हमें यह मौका दे रही है क‍ि हम अपने प्र‍ियजनों के करीब होने का एहसास कर सकें.

हम सिर्फ 30 सेकेंड का ऑडियो विजुअल कंटेंट तैयार करते हैं, जो हजारों पर‍िवारों को अपने प्र‍ियजन को डिजिटल रूप से पुनर्जीवित करने में मदद करता है. अब तक हमने ज‍ितने भी कंटेंट तैयार किए हैं, उनमें से आधे से अध‍िक ग्राहक बुजुर्ग माता पिता हैं, जिन्‍होंने अपने बच्‍चों को खो दिया है.

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आख‍िर ये होता कैसे है? इस पर झांक ने कहा, हमारी टीम तीन तरह से सेवाएं देती है. एआई हीलिंग एक चैटबॉक्स बनाने के लिए आवाज का क्लोन तैयार करती है. डिजिटल पोर्ट्रेट एक 3डी डिजिटल इमेज बनाता है

और यही शानदार कंटेंट भी तैयार करता है. जिसमें उस शख्‍स की प्रोफाइल डाली जाती है. टीम ने अब तक 600 से ज्‍यादा पर‍िवारों के ल‍िए ऐसा कंटेंट तैयार क‍िया है. इसके ल‍िए मृतक की तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जरूरत होती है. ज‍ितनी ज्‍यादा सामग्रियां हमारे पास होंगी, क्लोनिंग प्रभाव उतना ही बेहतर होगा.

झांग ने एक ग्राहक का उदाहरण देते हुए बताया. कहा, वू उपनाम वाले इस शख्‍स का बेटा हार्ट अटैक की वजह से 2022 में मर गया. उस वक्‍त वह ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहा था और उम्र महज 22 साल थी. इसके बाद से उनकी पत्‍नी बीमार रहने लगीं. डॉक्‍टर भी उनका इलाज नहीं तलाश पा रहे थे.

तभी वे हमारे पास आए. हमने उनके बेटे की तस्‍वीर और आवाज की नकल करके एक AI स्‍वरूप बनाया, नतीजा चौंकाने वाला था. उनकी पत्‍नी कुछ ही दिनों में ठीक हो गईं. उसमें हमने सिर्फ ये आवाज डाली थी

अलविदा, मेरे प्यारे मम्‍मी-पापा. मुझे उम्मीद है कि मैं हर समय आपके साथ रह सकता हूं, और आपको गर्मजोशी और प्यार दे सकता हूं. उसी वक्‍त वू ने कहा, मृत्यु प्रेम का अंत नहीं है. आइए मेटावर्स में फिर से एकजुट हों

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